Indian History Notes Part 1 वेद
Indian History by Pindel Academy
इतिहास के जनक :- हेरोडोटस
पुस्तक – हिस्टोरिका
मनुष्य द्वारा सर्वप्रथम प्रयोग :-
धातु - तांबा
प्रथम औजार - कुल्हाड़ी
पहली फसल - जौ (यव)
पालतू पशु - कुत्ता
वेद :-
भारत के सबसे प्राचीन ग्रंथ
वेद का शाब्दिक अर्थ :- ज्ञान
वेदो की कुल संख्या :- 4
ऋग्वेद
यजुर्वेद
सामवेद
अथर्ववेद
ऋग्वेद :-
यह सबसे प्राचीन वेद है।
ऋग्वेद में 10 मंडल, 1028 सूक्त और 10,600 ऋचाएं हैं।
ऋग्वेद की 5 शाखाएं हैं।
गायत्री मंत्र जिसकी रचना विश्वामित्र ने की थी उसका उल्लेख ऋग्वेद के तीसरे मंडल में है।
देवता सोम का उल्लेख नौवें मंडल में है।
यजुर्वेद :-
यह वेद गद्य वह पद्य दोनों में लिखा है।
यह कर्मकाण्ड प्रधान वेद है।
सामवेद :-
इस वेद में संगीत की जानकारी मिलती है,
इसलिए इसे भारतीय संगीत का जनक भी कहते हैं।
साम का शाब्दिक अर्थ है :- गान
अथर्ववेद :-
यह वेद सबसे बाद का है
इस वेद में जादू-टोना, तन्त्र-मंत्र, चिकित्सा, विवाह तथा लौकिक जीवन का उल्लेख है।
अथर्ववेद को ब्रह्मवेद भी कहते हैं।
अथर्ववेद की दो शाखाएं है -
1.पिप्पलाद। 2.शौनक
इसमें बताया गया है कि सभा और समिति प्रजापति कि दो पुत्रियां हैं।
ब्राह्मण ग्रन्थ
क्र. स. वेद. ब्राह्मण ग्रन्थ
1 ऋग्वेद ऐतरेय वह कौषीतकी
2 यजुर्वेद शतपथ व तैत्तिरीय
3 सामवेद पंचविश वह षडविश
4 अथर्ववेद. गोपद
पुराण :-
कुल संख्या :- 18
रुचियता :- लोमहर्ष व उसके पुत्र उग्रश्रवा ने
सबसे प्राचीन पुराण :- मत्स्य पुराण
वर्तमान में उपलब्ध पुराण गुप्त काल के समय के है।
विष्णु पुराण का संबंध मौर्य वंश से, मत्स्य पुराण का संबंध सातवाहन वंश से तथा वायु पुराण का संबंध गुप्त वंश से है।
महत्वपूर्ण तथ्य :-
© अर्थशास्त्र पुस्तक के लेखक चाणक्य है।
इसे विष्णुगुप्त तथा कौटिल्य के नाम से भी जाना जाता है।
अर्थशास्त्र पुस्तक का संबंध राजनीति शास्त्र से है।
© राजतरंगिणी पुस्तक के लेखक कल्हण है इस पुस्तक में कश्मीर का इतिहास वर्णित है
© अष्टाध्यायी पुस्तक के लेखक पाणिनि है, यह एक संस्कृत व्याकरण पुस्तक है।
© सबसे प्राचीन स्मृति मनु स्मृति है।
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